नहर में पानी नहीं छोड़ा तो किसानों ने दफ्तर में जड़ा ताला

खरगोन (अपडेट इंडिया न्यूज)। ओंकारेश्वर बांध परियोजना से नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों ने शनिवार को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कर्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों ने कार्यालय में ताला लगाकर नारेबाजी की। इस दौरान विधायक सचिन बिरला ने किसानों को बताया कि ओंकारेश्वर परियोजना के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंघल से नहरों में छोड़ने को लेकर बात हो गई है। सिंघल ने कहा है कि 18 मई की शाम पांच बजे तक ओंकारेश्वर परियोजना की नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा। आंदोलन कर रहे किसानों ने विधायक से कहा कि यदि 18 मई तक पानी नहीं छोड़ा तो इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर चक्काजाम किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। विधायक ने किसानों को पुनः आश्वस्त किया कि किसी भी हाल में 18 मई को पानी नहरों में छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया और एनवीडीए कार्यालय में लगा ताला खोल दिया। किसानों ने कार्यपालन यंत्री जेएस राणावत और तहसीलदार कृष्णा पटेल से भी चर्चा की।

किसानों ने बताया कि अधिकारियों ने चार दिन पूर्व आश्वासन दिया गया था कि नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। लेकिन नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों ने सुबह 10:00 बजे धरना-प्रदर्शन शुरू किया और अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब दो बजे अधिकारी आए और किसानों को 10 दिन बाद पानी छोड़ने का आश्वासन दिया। इससे किसान आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करने लगे। किसानों ने अधिकारियों को चार दिन पूर्व अल्टीमेटम दिया था कि कपास की फसल की बोवनी शुरू हो गई है। इसलिए किसानों को नहर में पानी छोड़ा जाए। परंतु अधिकारी नहरों की मरम्मत व सफाई के नाम पर किसानों को गुमराह कर रहे हैं।

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